Maiya Ke Darbaar Ki Mahima Aprampaar Har Pal Bhakto Ke Upar Barse Maa Ka Payar
मैया की दरबार की महिमा अपरम्पार हर पल भक्तों के ऊपर बरसे है माँ का प्यार
तर्ज-देना हो तो दीजिये
मैया की दरबार की महिमा अपरम्पार
हर पल भक्तों के ऊपर,बरसे है माँ का प्यार।।
बुढ़े बालक नर और नारी,माँ के दर पे आते है,
खाली झोली लेकर आते,भर भर झोली जाते है,
जो माँगे सो मिल जाये,माँ देने को तैयार।।(१)
सारे जग की ये सेठानी, सब बच्चो की माता है,
देती है चुपचाप किसी को,पता नहीं चल पाता है,
वो दोनों हाथ लुटाये,पर भरा रहे भण्डार।।(२)
जिसके मन मे श्रद्धा भक्ति,मैया लाड लड़ाती है,
उसकी खातिर बिना बुलाये,दौड़ी दौड़ी आती है,
ऐसे प्रेमी का घर तो,है मैया का परिवार।।(३)
सच्चे मन से सुमिरन करले,तेरी सुनाई कर लेगी,
मन की पीड़ा माँ से कहदे,सारे संकट हर लेगी,
क्यों घबराता है “बिन्नू”,तू आजा माँ के द्वार।।(४)
मैया की दरबार की महिमा अपरम्पार
।। श्री श्याम आशीर्वाद ।।
।। श्याम श्याम तो मैं रटू , श्याम ही जीवन प्राण ।।
।। श्याम भक्त जग में बड़े उनको करू प्रणाम ।।
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