Shiv Bhole Tere Charno Mein Jab Se Sar Ko Jhukaya Hai
शिव भोले तेरे चरणों में जबसे सर को झुकाया है
तर्ज – थाळी भरकर ल्याई खीचड़ो
शिव भोले तेरे चरणों में,
जबसे सर को झुकाया है,
दर तेरा इंसाफ का है,
हमने तो इतना पाया है ।।
तेरी शक्ति अदभुत भोले,
जिसका कोई छोर नहीं,
सब देवों में महादेव तूं,
तुझसा कोई और नहीं,
बेबस होकर जिसने पुकारा,
तुमने उसे निभाया है ।
दर तेरा इंसाफ का है….
शरणागत को भोले तुमने,
नहीं कभी इंकार किया,
दे दिया अमृत देवों को,
खुद विष को स्वीकार किया,
दीन-दुखी को दया का खजाना,
दोनों हाथ लुटाया है ।
दर तेरा इंसाफ का है….
मंज़िल तक पहुंचा दे मुझको,
थामले आकर हाथ मेरा,
जीवन डोर भले ही टूटे,
पर ना छूटे साथ तेरा,
तुझको अपना जान ‘अनिल’ ने,
दिल का हाल सुनाया है ।
दर तेरा इंसाफ का है…..
।। श्री श्याम आशीर्वाद ।।
।। श्याम श्याम तो मैं रटू , श्याम यही जीवन प्राण ।।
।। श्याम भक्त जग में बड़े उनको करू प्रणाम ।।
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