दर दर क्यूँ भटके,माथा क्यूँ पटके,खाये क्यूँ दुनिया के झटके,
आजा शरण में,श्याम चरण में,तेरे मिटे सारे खटके,
चल जाये काम धन्धे,तेरी बिगड़ी संवर जाये।।(२)
माँगो उसी से,जो दे दे ख़ुशी से,बतलाए भी ना किसी से,
देना ही जाने,कहना भी माने,लेता ना वापस किसी से,
इसे राजी कर बन्दे,तेरी बिगड़ी संवर जाये।।(३)
जी भर के गा ले,श्याम रिझा ले,अपना इसे तू बना ले,
“बिन्नू” यूँ बोले,फिर होले होले,जीवन में छाए उजाले,
काम होंगे कभी ना मन्दे,तेरी बिगड़ी संवर जाये।।(४)
तू श्याम रिझा बन्दे,तेरी बिगड़ी संवर जाये
।। श्री श्याम आशीर्वाद ।। ।। श्याम श्याम तो मैं रटू , श्याम ही जीवन प्राण ।। ।। श्याम भक्त जग में बड़े उनको करू प्रणाम ।।
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