Banke Bihari Teri Surat Hai Payari Ek Jhalak Pe Teri Jau Balihari
बाँके बिहारी तेरी सूरत है प्यारी एक झलक पे तेरी जाऊँ बलिहारी
तर्ज – कूण सुणेलो कीन्न सुनाऊँ
|| दोहा ||
मुरलीधर घनश्याम को, खूब सज्यो सिणगार ।
नाचे मन को मोरियो, लेऊँ नजर उतार ।।
बाँके बिहारी तेरी, सूरत है प्यारी
एक झलक पे तेरी, जाऊँ बलिहारी ।। टेर ।।
मोर मुकुट की तो, शोभा निराली
अधरों पे मुरली सोहे, छवि मतवाली
मन को लुभाये तेरी, मुस्कान प्यारी ।। û ।।
नील वरण तेरा, बाँके बिहारी
पीत बसन पीताम्बर, धारी
हाथों में कंगन, कानन कुण्डल धारी ।। ü ।।
घुंघराले केश तेरे, कजरारे नैना
होठ गुलाबी तेरे, मीठे हैं बैना
‘रवि’ मन बस गई चितवन न्यारी ।। ý ।।
।। श्री श्याम आशीर्वाद ।।
।। श्याम श्याम तो मैं रटू , श्याम ही जीवन प्राण ।।
।। श्याम भक्त जग में बड़े उनको करू प्रणाम ।।
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