इक रात , दुखी मैं , होके … सो , गया था , रोते रोते
सपने में , श्याम ने , आकर … कहा , मुझको , गले लगाकर
मैं हु ना , क्यू चिंता , करता है … मेरे होते , क्यू , डरता है।।
श्याम धणी , को देखा … धीरज , मैने खोया …-2
लिपट गया , चरणों से …. फुट फुट , कर रोया
उसका कर , होले होले … मेरे , आंसू पोंछे , बोले …-2
मैं हु ना , क्यू चिंता , करता है … मेरे होते , क्यू , डरता है।।
श्याम कहे , इक बर , जो … मेरी , शरण मे , आया …-2
हार , नही वो , सकता … तू , काहे घबराया
जिसको मैंने , अपनाया … उस पर है , मेरी छाया …-2
मैं हु ना , क्यू चिंता , करता है … मेरे होते , क्यू , डरता है।।
श्याम की बाते , सुनकर … भूल गया , गम सारे
ऐसा लगा , कि मेरा … फिर से , जन्म हुआ रे
किया श्याम , की और इसारा … सोनू दिल , से ये पुकारा
तू है ना , फिकर मुझ को , क्या है …. तेरे होते , डर क्या है
।। श्री श्याम आशीर्वाद ।। ।। श्याम श्याम तो मैं रटू , श्याम ही जीवन प्राण ।। ।। श्याम भक्त जग में बड़े उनको करू प्रणाम ।।
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