Sevakiya Ri Aaj Sanwra Sunni Pad Si Baat Ji Mhe Thara Or The Ho Mahara Rakho Sir Par Hath Ji
सेवकिया री आज सांवरा सुनणी पड़सी जी बात जी म्हें थारा और थे हो म्हारा रखड्यो सरपर हाथ जी
तर्ज-थाली भरकर ल्याई
सेवकिया री आज सांवरा,सुनणी पड़सी जी बात जी।
म्हें थारा और थे हो म्हारा, रखड्यो सरपर हाथ जी।।
लाग्यो है दरबार श्याम को,अन्न धन खूब लुटाओ जी
म्हें तो थारै प्रेम को भूखों,प्रेम सुधा बरसाओ जी
दीन हीन की झोली खाली,भरदयो दीनानाथ जी।।(१)
करुणा का थे श्याम समन्दर, करुणा थोड़ी चावां जी
देवण मं थारो काईं घटसी,म्हें तो मौज उड़ावांजी
देवण म गर दैर करो तो,चलसी जग मं बात जी।।(२)
के तो दे ड्यो श्याम चाकरी,अपणे श्री दरबार की
वरना म्हारै सागै चालो,जो मर्जी सरकार की
कुछ तो थानै करणो पड़सी,सुणल्यो श्याम सुजान जी।।(३)
जाणू अवगुण भरया मोकला,गिनबा मं काईं सार जी
जैसो भी अब थारै धोरै,कर देवो उद्धार जी
“नन्दू” आवै शरम ना पूछो,म्हासूँ म्हारी बात जी।।(४)
म्हें थारा और थे हो म्हारा, रखड्यो सरपर हाथ जी
।। श्री श्याम आशीर्वाद ।।
।। श्याम श्याम तो मैं रटू , श्याम ही जीवन प्राण ।।
।। श्याम भक्त जग में बड़े उनको करू प्रणाम ।।
श्रीश्याम आशीर्वाद पोर्टल पर सभी मंदिर , भजन , भक्तो का जीवन परिचय, भक्तो के साक्षात्कार, प्रभु सुमिरन , ग्रन्थ व् अन्य कंटेंट को किसी न किसी ऑथेंटिकेटेड जानकारी व् व्यक्ति विशेष से लिया गया है या हमारे द्वारा पोर्टल पर विभिन्न माध्यम से प्राप्त किया गया है। कंटेंट पब्लिश करने में पूर्णतया सावधानी रखी गई है। श्री श्याम आशीर्वाद आपके द्वारा किसी भी पोस्ट में दिए गए सुझाव , बदलाव व् नए प्रस्ताव का सहृदय हार्दिक स्वागत करता है।