तुम्हारी याद में प्यारे ये दिल बैचैन रहता है कहाँ जाऊँ बतादे तेरा कुछ तो पता दे
तर्ज – मेरे टूटे हुये दिल से
तुम्हारी याद में प्यारे, ये दिल बैचैन रहता है,
कहाँ जाऊँ बतादे, तेरा कुछ तो पता दे ।।
तड़फने का मौका, तुम्हीं ने दिया है,
फ़ना श्यामसुन्दर, तुम्हीं ने किया है,
ग़मों की मार सहता हूँ, न फिर भी आह करता हूँ,
मुझे गाफिल बनादे, जरा परदा हटादे ।।
तुम्हारी याद में प्यारे, ये दिल…..
परेशान दिल है, कदम डगमगाये,
कल रात तो तुम, बहुत याद आये,
खड़ा तेरे दर पे ये, नजरें झुकाये,
तेरा ही यार हूँ इससे, हवा में तेरी बहता हूँ,
रहम कुछ तो दिखादे, इसे तूं ही दवा दे ।।
तुम्हारी याद में प्यारे, ये दिल…..
तुम्हें श्यामबहादुर ने, दिल से पुकारा,
है रिश्ता पुराना, तुम्हारा – हमारा,
ना गलती करूँगा, फिर से दुबारा,
ये ‘शिव’ मस्तान है तेरा,तुम्हीं से इसका नाता है,
मेरी हस्ती मिटादे, मुझे पागल बना दे ।।
तुम्हारी याद में प्यारे, ये दिल…..
श्रद्धेय स्व. शिवचरणजी भीमराजका ‘शिव’ द्वारा प्राचीन गीत ‘मेरे टूटे हुये दिल से, कोई तो आज ये पूछे’ कि तर्ज़ पर रचित अदभुत भावपूर्ण रचना ।
।। श्री श्याम आशीर्वाद ।। ।। श्याम श्याम तो मैं रटू , श्याम ही जीवन प्राण ।। ।। श्याम भक्त जग में बड़े उनको करू प्रणाम ।।
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